बवासीर क्या होता है? – What is Piles in Hindi

बवासीर को पाइल्स भी कहा जाता है. यह एक आम स्थिति है जिसमें गुदा और मलाशय के अंदर और बाहर की नसें सूज जाती हैं और बढ़ जाती हैं. बवासीर दर्दनाक और असुविधाजनक हो सकती हैं और मलाशय से रक्तस्राव का कारण बन सकती हैं. बवासीर कई आकार और स्थानों में हो सकती हैं. हालांकि, कई लोग बवासीर होने के बारे में भी नहीं जानते. 

बवासीर

बवासीर के कुछ कारण:

  • गलत खान-पान
  • अपच
  • पेट में दबाव
  • गर्भावस्था के दौरान बढ़ा हुआ रक्त संचार
  • लंबे समय तक बैठे रहना
  • भारी भार उठाना
  • अत्यधिक दिखावा
  • कब्ज
  • अनुवांशिकता
बवासीर

बवासीर के कुछ लक्षण:

  • गुदा के आस-पास कठोर गांठ जैसी महसूस होना
  • दर्द रहना
  • खून आना
  • शौच के बाद भी पेट साफ़ ना होने का आभास होना
  • शौच के वक्त जलन के साथ लाल चमकदार खून का आना
  • शौच के वक्त अत्यधिक पीड़ा होना
  • गुदा के आस-पास खुजली, लालीपन, और सूजन रहना
  • शौच के वक्त म्यूकस का आना
  • बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना, लेकिन त्यागते समय मल न निकलना 

बवासीर को चार अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है: बाहरी बवासीर (External Haemorrhoids), आंतरिक बवासीर (Internal Haemorrhoids), प्रोलैप्स्ड बवासीर (Prolapsed Hemorrho. 

इसका मकसद सिर्फ़ जानकारी देना है. स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह या जांच के लिए, किसी पेशेवर डॉक्टर से बात करें. (8700844940) जनरेटिव एआई की सुविधा फ़िलहाल एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध है l

Piles treatment: असरदार देसी नुस्खे, खूनी-बादी दोनों तरह की बवासीर जड़ से होगी खत्म l

  1. फाइबर का सेवन बढ़ा दें …
  2. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं …
  3. टॉयलेट स्टूल का इस्तेमाल करें …
  4. एलोवेरा जेल …
  5. एप्सम सॉल्ट और ग्लिसरीन …
  6. नारियल तेल …
  7. आइस पैक

बवासीर में सुबह खाली पेट क्या खाएं?

  • बवासीर एक तकलीफदेह बीमारी बवासीर एक तकलीफदेह बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को मल त्याग करते समय असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है।
  • बैठने और लेटने में परेशानी …
  • खानपान पर विशेष ध्यान …
  • बवासीर में खाएं ये चीजें …
  • छाछ पिएं …
  • दही खाएं …
  • फाइबर खाएं …
  • ताजे फलों का सेवन

क्या बवासीर 100% ठीक हो सकती है?बवासीर को 100% ठीक करना संभव है, लेकिन इसके लिए सही उपचार, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली की आवश्यकता होती है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह और उनके द्वारा सुझाए गए उपायों का पालन करना आवश्यक है।

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